कानपुर के ये हैं टॉप 5 टूरिस्ट प्लेस, धार्मिक और ऐतिहासिक विरासतों की दिलाते हैं याद

कानपुर में घूमने के लिए तो बहुत कुछ है लेकिन जो सबसे घास पर्यटन स्थल है वो है बिठूर। ये स्थान धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों रूपों से महत्नपूर्ण है। यहीं पर लव कुश का जन्म हुआ था।

कानपुर की ऐतिहासिक दृष्टी से महत्वपूर्ण शहर है। ये शहर 1857 की क्रांति का गवाह भी है। नाना साहब पेशवा ने कानपुर से ही अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की जंग छेड़ी थी। वहीं अगर धार्मिक दृष्टी से देखा जाए तो त्रेतायुग में भगवान श्रीराम द्वारा माता सीता को त्यागने के बाद उन्होंने कानपुर के बिठूर में ही आश्रय ली थी। वाल्मीकि आश्रम ने लव और कुश का जन्म हुआ था। आज की स्टोरी में हम आपको कानपुर के पांच बेस्ट प्लेस के बारे में बताने जा रहे हैं। जहां जाकर आप मग्नमुंध हो जाएंगे। 

रानी लक्ष्मीबाई घाट

बिठूर का ऐतिहासिक महत्व भी है। 1857 की क्रांति के दौरान नानाराव पेशवा ने यही से अंग्रेजों के खिलाफ लोहा लिया था। गंगा किनारे रानी लक्ष्मीबाई घाट है। इस घाट पर रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा बनी हुई है। बाबा भैरव नाथ मंदिर के सामने नाना राव पेशवा स्मारक है। यहां हर साल बिठूर महोत्सव का आयोजन कराया जाता है। नाना राव पेशवा स्मारक में आजादी से पहले की वस्तुएं रखी हुई हैं। 

फूल बाग संग्रहालय

कानपुर शहर के बीचों बीच फूलबाग पार्क स्थित है। पहले यहां अक्सर राजनीतिक रैलियां और जनसभाएं आयोजित होती थीं। 19वीं शताब्दी में ब्रिटिश प्रशासन ने इसे मनोरंजन स्थल के रूप में निर्माण कराया। यहां कानपुर का सबसे बड़ा संग्रहालय स्थापित है। यहां औपनिवेशिक काल से लेकर आधुकनिक काल तक के दस्तावेज उपलब्ध हैं। 

कांच मंदिर

कानपुर की संकरी गलियों के बीच जैन धर्म का कांच का मंदिर स्थित है। इस मंदिर का निर्माण करीब 150 साल पहले हुआ था। यहां जैन तीर्थकरों की प्रतिमाएं मौजूद हैं। मंदिर के परिसर में एक खूबसूरत बगीचा मौजूद है। जो पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करता हैं।

कानपुर में स्थित है जैन धर्म का खूबसूरत कांच का मंदिर, ईरानी वास्तुकला की मिलती है झलक

जेके मंदिर

कानपुर के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक राधा कृष्ण का जेके मंदिर है। इसका निर्माण जेके ग्रुप द्वारा कराया गया है। यह मंदिर सर्वोदय नगर में स्थित है। मंदिर परिसर में बड़ा सा पार्क है जहां हर सुबह लोग टहलने जाते हैं। वहीं मंदिर के राधा कृष्ण के अलावा लक्ष्मीनारायण, नामदेश्व और हनुमान की भी प्रतिमा स्थापित है। 

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