INDIA vs ENGLAND: भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट में खेल सकता है पाकिस्तानी मूल का यह स्पिनर, मैकुलम ने की जमकर तारीफ

पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश नागरिक बशीर वीजा समस्याओं के कारण पहले टेस्ट के लिए समय पर अपनी टीम में शामिल नहीं हो सके थे। हालांकि, युवा स्पिनर का वीजा संबंधी मसला सुलझ गया है और वह भारत पहुंच गए हैं।

भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला दो फरवरी से विशाखापट्टनम में खेला जाएगा। हैदराबाद में खेले गए पहले टेस्ट में इंग्लिश टीम ने 28 रन से जीत हासिल की थी। उसकी नजर सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल करने पर है। वहीं, टीम इंडिया वापसी के लिए उतरेगी। दूसरे टेस्ट से पहले इंग्लैंड के कोच ब्रैंडन मैकुलम ने कहा कि उनकी टीम पूरी तरह स्पिन आक्रामण के साथ दौरे पर किसी मुकाबले में उतर सकती है। उनका कहना है कि अगर ऐसा होता है तो पाकिस्तानी मूल के स्पिनर शोएब बशीर को टीम में मौका मिल सकता है।

पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश नागरिक बशीर वीजा समस्याओं के कारण पहले टेस्ट के लिए समय पर अपनी टीम में शामिल नहीं हो सके थे। हालांकि, युवा स्पिनर का वीजा संबंधी मसला सुलझ गया है और वह भारत पहुंच गए हैं। सेनरेडियो से बात करते हुए मैकुलम ने कहा कि बशीर उनके ग्रुप में पूरी तरह से फिट हो गए हैं और उनका कौशल भारतीय परिस्थितियों में टीम की मदद कर सकता है।

मैकुलम ने बशीर को लेकर क्या कहा?
20 वर्षीय स्पिनर ने नवंबर में अपने प्रशिक्षण शिविर में इंग्लैंड लायंस के लिए प्रभावित किया और उन्हें भारत में पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए चुना गया। मैकुलम ने कहा, ”बशीर अबू धाबी में हमारे शिविर में हमारे साथ थे। वह समूह में सहजता से फिट हो गए हैं। उन्होंने अपने कौशल से प्रभावित किया। वह एक ऐसा व्यक्ति हैं जिनमें काफी उत्साह है। वह काफी कम उम्र में हैं और उनका प्रथम श्रेणी का अनुभव काफी सीमित है। फिर भी टॉम हार्टले की तरह वह ऐसे हैं जिन्हें हमने देखा और सोचा कि उनका कौशल भारत की परिस्थितियों में हमारी सहायता कर सकता है।”

बशीर के पास छह प्रथम श्रेणी मैचों का अनुभव
बशीर काउंटी क्रिकेट में समरसेट के लिए खेलते हैं। उन्होंने छह प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं। इस दौरान 10 विकेट झटके हैं। इंग्लैंड की टीम कम अनुभवी स्पिन गेंदबाजों को मौके देने के लिए मशहूर है। टॉम हार्टले ने पहले टेस्ट में भारत के खिलाफ दोनों पारियों में कुल नौ विकेट लिए थे। दूसरी पारी में तो उन्होंने कहर बरपा दिया था और सात विकेट अपने नाम किए थे। उन्हें 20 प्रथम श्रेणी मैच के बाद ही टेस्ट में डेब्यू करने का मौका मिल गया था।

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