Caste Census in Bihar: जदयू का आरोप, बीजेपी नहीं चाहती बिहार में जातीय जनगणना हो

बिहार में हो रही जातिगत जनगणना का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है. 20 जनवरी को इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. दरअसल, जातीय जनगणना के खिलाफ एक याचिका दायर की गई है जिसमें कहा गया है कि जातिगत जनगणना का नोटिफिकेशन संविधान की मूल भावना के खिलाफ है. जबकि याचिका में सात बिंदुओं के जरिए सुप्रीम कोर्ट के सामने ये मुद्दा उठाया गया है. ये याचिका बिहार निवासी अखिलेश कुमार ने दाखिल की है. वहीं, याचिका में कहा गया है कि बिहार राज्य की अधिसूचना और फैसला अवैध, मनमाना, तर्कहीन, असंवैधानिक और कानून के अधिकार के बिना है.

जदयू का बीजेपी पर आरोप 
इस मामले पर जदयू का आरोप है कि बीजेपी नहीं चाहती है कि बिहार में जातीय जनगणना हो सके. यही कारण है कि कोर्ट के माध्यम से बीजेपी इस में रंगा डालने का प्रयास कर रही है. जदयू के विधान पार्षद भीष्म साहनी ने बीजेपी पर ये आरोप लगाए हैं. उन्होंने नीतीश कुमार को महागठबंधन का सर्वमान्य नेता बताया है. भीष्म साहनी ने कहा कि कई बार सार्वजनिक मंच से तेजस्वी यादव जी का चुके हैं कि महागठबंधन के नेता नीतीश कुमार हैं. बीजेपी को यह बात समझ लेनी चाहिए कि नीतीश कुमार बिहार के सबसे बड़े नेता हैं. उपेंद्र कुशवाहा के डिप्टी सीएम बनने वाले बयान पर उन्होंने कहा कि यह नीतीश कुमार का विशेषाधिकार है कि वह किस से अपने मंत्रिमंडल में मंत्री या डिप्टी सीएम बनाते हैं. उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा के बयान पर कहा कि उन्होंने कोई अनुचित बयान नहीं दिया है. मुख्यमंत्री जिसको चाहे उसको मंत्री बना सकते हैं.

तेजस्वी के बयान पर बीजेपी का पलटवार
इसको लेकर तेजस्वी यादव ने बयान दिया था कि बीजेपी जाति जनगणना से डर गई है. तेजस्वी के बयान पर बीजेपी ने कटाक्ष किया है. बीजेपी के विधान पार्षद नवल किशोर यादव ने कहा है कि बीजेपी शुरू से ही जातीय जनगणना का पक्षधर रहा है और जाति जनगणना कोई नई बात नहीं है. पहले भी होती रही है. तेजस्वी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि गरीबों के जमीन लिखाने वाले आज गरीबों के हितेषी बन गए हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समाधान यात्रा में नेताओं एवं आम लोगों से नहीं मिलने पर उन्होंने कटाक्ष कि मुख्यमंत्री का यह फैसला सही है. मुख्यमंत्री अपनी सुरक्षा को लेकर यह फैसला लिए हैं ताकि कोई उनका विरोध न कर सके. इसीलिए अधिकारियों एवं सुरक्षाकर्मियों के बीच मुख्यमंत्री छुपे रहते हैं.

प्रशांत किशोर का नितीश कुमार पर वार
बिहार में शुरू हो रहे जातीय जनगणना पर प्रशांत किशोर ने एक बार फिर से नितीश कुमार को घेरा था. मोतीहारी में प्रेस को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा था कि ये तो समाज को जातीय गुट में बांटने की तैयारी है और जनता के आंख में धूल झोंकी जा रही है. नितीश कुमार जरा ये बताएं कि इसका वैधानिक आधार क्या है और जनता का क्या इससे विकास होगा. अगर विकास करना है तो ये आंकड़ा समझ ले कि बिहार में 13 करोड़ लोग आज भी देश में सबसे पिछड़े हैं उनका उत्थान होना चाहिए, लेकिन किसी लाइब्रेरी में बैठा जाने से ज्ञान नहीं हो जाता है उसको समझने के लिये समझ होनी चाहिए.

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